Tag: हरिवंश राय बच्चन

Posted on: January 22, 2015 Posted by: लिटरेचर इन इंडिया Comments: 0

लो दिन बीता लो रात गयी – हरिवंश राय बच्चन

सूरज ढल कर पच्छिम पंहुचा, डूबा, संध्या आई, छाई, सौ संध्या सी वह संध्या थी, क्यों उठते-उठते सोचा था दिन में होगी कुछ बात नई लो दिन बीता, लो रात गई धीमे-धीमे तारे निकले, धीरे-धीरे नभ में फ़ैले, सौ रजनी सी वह रजनी थी, क्यों संध्या को यह सोचा था, निशि में होगी कुछ बात नई, लो दिन बीता, लो रात गई चिडियाँ चहकी, कलियाँ महकी, पूरब से फ़िर सूरज…