कविता, कहानी, ग़ज़ल, गीत, पौराणिक, धार्मिक एवं अन्य विधाओं का मायाजाल

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देह की अनन्त यात्रा – डॉ. चित्रलेखा अंशु

ये जो काले रंग का कुर्ता है उसे कभी फेंकती नहीं मैं न तो किसी को देती हूँ। ये भी एक माध्यम है मेरी देह…

आर्ट का पुल – फ़हीम आज़मी

पहले तो सारा इलाका एक ही था और उसका नाम भी एक ही था। इलाका बहुत उपजाऊ था। बहुत से बाग, खेत, जंगली पौधे, फूल…

डर के गठबंधन पर दूरगामी प्रश्नचिन्ह

लगभग दो दशक यानि 1993 के बाद, देश के दो सबसे बड़े क्षेत्रीय दल अपने अस्तित्व को बचाने की कवायद में फिर से एक हो…

हम सिसक सिसक सो जाते है

तेरा मेरी गली से गुजरना, मेरी नजरों पे आके वो रुकना । उन यादों के दामन थामे, हम संभल-संभल रुक जाते हैं।। तेरी बातों पे…

भुलाना न आसान होगा

  दी खुशियां तूने जो मुझको, भुलाना न आसान होगा, मेरी हर कामयाबी पे, तेरा ही नाम होगा। रखूँगा तेरे हर तर्ज़ को, खुद में…

मैं नैन्सी की लाश बोल रही हूँ

पूरी रात सो न सका वो विभत्स मंज़र देख कर, सोचा कि अगर नैन्सी सच में आज कुछ लिख पाती तो यही लिखती: नमस्कार! मैं…

आत्माराम – मुंशी प्रेमचंद

1 वेदों-ग्राम में महादेव सोनार एक सुविख्यात आदमी था। वह अपने सायबान में प्रात: से संध्या तक अँगीठी के सामने बैठा हुआ खटखट किया करता…

माओवाद सही भी है, गलत भी…बस नज़रिए का फर्क है

नई दिल्ली से धनबाद की यात्रा पर हूँ| लोगों से बहुत सुना था कि झारखंड प्राकृतिक सौन्दर्य को अभी भी संवारे हुए है, इसलिए प्रकृति…

भगवान अगले जन्म मुझे बेटी न बनाना

भगवान अगले जन्म मुझे बेटी ना बनाना भगवान अगले जन्म मुझे बेटी ना बनाना कुछ अपने घरों में हर साल कन्या पूजन करवाते हैं कुछ…

जाग तुझको दूर जाना है – महादेवी वर्मा

  चिर सजग आँखें उनींदी आज कैसा व्यस्त बाना! जाग तुझको दूर जाना! अचल हिमगिरि के हॄदय में आज चाहे कम्प हो ले! या प्रलय…

मेरी भाषा के लोग – केदारनाथ सिंह

मेरी भाषा के लोग मेरी सड़क के लोग हैं सड़क के लोग सारी दुनिया के लोग पिछली रात मैंने एक सपना देखा कि दुनिया के…

कोई ये कैसे बताये के वो तन्हा क्यों है – कैफ़ी आज़मी

  कोई ये कैसे बताये के वो तन्हा क्यों हैं वो जो अपना था वो ही और किसी का क्यों हैं यही दुनिया है तो…

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